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| Weather Alert 11 October: दिल्ली-UP-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट |
Weather Alert 11 October: मानसून की विदाई के बीच कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, जानें दिल्ली-UP-बिहार का मौसम
देश में मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में लोगों को मौसम में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी मौसम को प्रभावित कर सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 अक्टूबर को दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम विकसित होने के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों पर पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप घर से बाहर निकलने, यात्रा करने या खेती से जुड़े काम करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने क्षेत्र का ताजा मौसम अपडेट जरूर देख लें।
मानसून लौट रहा है, फिर भी बारिश क्यों हो रही है?
मानसून की विदाई और बारिश का पूरी तरह बंद हो जाना दो अलग-अलग बातें हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से पीछे हट रहा है, लेकिन स्थानीय मौसम प्रणालियों और समुद्र के ऊपर बनने वाले मौसमी बदलावों के कारण बारिश जारी रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ और इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे कुछ राज्यों में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ सकती हैं।
पिछले 24 घंटों में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
हाल के 24 घंटों में बिहार के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तरी तमिलनाडु, उत्तरी केरल और तटीय ओडिशा में भी अच्छी बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं।
ये आंकड़े बीते 24 घंटों में दर्ज गतिविधियों से संबंधित हैं। अलग-अलग जिलों में बारिश की मात्रा अलग हो सकती है।
दिल्ली-NCR का मौसम: बादल छाने और बारिश के आसार
11 अक्टूबर को दिल्ली में मध्यम बारिश और तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार लगभग 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। राजधानी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बादल छाने या कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना पर नजर रखनी चाहिए। हालांकि, पूरे NCR में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों के कारण एक इलाके में बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे हिस्से में केवल बादल छाए रह सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में किन जिलों में हो सकती है बारिश?
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 11 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, गोंडा, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, बलरामपुर, महाराजगंज, उन्नाव, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, आजमगढ़, कासगंज और मैनपुरी में मौसम बदल सकता है।
कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
हाल में राज्य के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई है। ऐसे में किसानों को फसलों की स्थिति और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
बिहार में भारी बारिश के बाद भी सतर्क रहने की जरूरत
बिहार में हाल के 24 घंटों में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। अब 11 अक्टूबर को भी कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
पटना, गया, जहानाबाद, सिवान, बक्सर, सारण, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में मौसम बदल सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
पटना में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, फिसलन और यातायात की परेशानी हो सकती है। लोगों को स्थानीय चेतावनियों के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश
झारखंड में 11 और 12 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। रांची, सिमडेगा, धनबाद, गिरिडीह, साहिबगंज, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर, गुमला, गढ़वा और बोकारो में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने का अनुमान है।
रांची में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, नादिया, अलीपुरद्वार, बीरभूम और दार्जिलिंग समेत कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बदलेगा मौसम
राजस्थान में 11 अक्टूबर को भरतपुर, बीकानेर, उदयपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और बूंदी में हल्की बारिश हो सकती है। सामान्य तौर पर हवा की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
जयपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, विदिशा, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, नर्मदापुरम, मंडला, अनूपपुर, मुरैना, धार और देवास में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा के झोंके 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। भोपाल का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी की संभावना
उत्तराखंड में देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल और पिथौरागढ़ में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। देहरादून में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी, सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा में बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। मनाली में अधिकतम तापमान करीब 6 डिग्री और न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
जम्मू-कश्मीर के बारामूला, बडगाम, गांदरबल, अनंतनाग, डोडा, कठुआ और सांबा में भी बारिश हो सकती है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सड़क और मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
दक्षिण भारत में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 11 और 12 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
केरल और माहे में 11 से 14 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। तटीय कर्नाटक में भी कई दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
चेन्नई में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में समुद्र के ऊपर बन रही मौसमी प्रणालियां बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत
मौसम के पूर्वानुमान में बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित कम दबाव का क्षेत्र महत्वपूर्ण है। मलक्का जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्र में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अंडमान सागर की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है।
यदि यह सिस्टम विकसित होता है, तो पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, बारिश का वास्तविक असर सिस्टम की स्थिति, उसकी दिशा और तीव्रता पर निर्भर करेगा।
पूर्वोत्तर राज्यों में कई दिनों तक बारिश का अनुमान
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में 11 से 16 अक्टूबर के बीच अलग-अलग दिनों में बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 11-12 और 15-16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 11-12 अक्टूबर तथा 13 से 16 अक्टूबर के दौरान बारिश के आसार हैं।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी इस अवधि के दौरान बारिश हो सकती है। 13 अक्टूबर को इन चार राज्यों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 11 और 12 अक्टूबर को कहीं-कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी रह सकता है।
खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
11 अक्टूबर को 10 शहरों का संभावित तापमान
नीचे दिए गए तापमान मूल मौसम डेटा में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं।
ध्यान दें कि ये अनुमानित तापमान हैं। किसी शहर के अलग-अलग हिस्सों में वास्तविक तापमान में अंतर हो सकता है। भोपाल के न्यूनतम तापमान सहित आंकड़ों में असामान्य अंतर दिखाई देने पर स्थानीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान से उनकी पुष्टि करना बेहतर होगा।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
बारिश के दौरान घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी देखना उपयोगी रहेगा। तेज हवा चलने पर कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी निर्माणों से दूरी बनाए रखें। आकाशीय बिजली चमकने पर खुले मैदान या जलाशय के पास रुकने से बचें।
जिन इलाकों में भारी बारिश हुई है, वहां जलभराव और फिसलन वाली सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को भूस्खलन, सड़क बंद होने और बर्फबारी से जुड़ी स्थानीय सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
11 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मानसून की वापसी के बावजूद बारिश और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जबकि पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में गरज-चमक, भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में संभावित कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों के मौसम के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। इसलिए अपने शहर और जिले का ताजा पूर्वानुमान देखते रहें और किसी भी गंभीर मौसम चेतावनी को नजरअंदाज न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या 11 अक्टूबर को मानसून पूरी तरह खत्म हो जाएगा?
नहीं। मानसून की वापसी देश के अलग-अलग हिस्सों से चरणबद्ध तरीके से होती है। कुछ क्षेत्रों से मानसून पीछे हट सकता है, जबकि अन्य इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। स्थानीय मौसमी सिस्टम भी बारिश करा सकते हैं।
2. बिहार में किन जिलों में बारिश होने की संभावना है?
पटना, गया, जहानाबाद, सिवान, बक्सर, सारण, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
3. क्या दिल्ली-NCR में तेज हवाएं चलेंगी?
11 अक्टूबर को दिल्ली में हवा की रफ्तार लगभग 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है। कुछ इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद का मौसम स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकता है।
4. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र कब बन सकता है?
दिए गए पूर्वानुमान के अनुसार, 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके बनने और आगे बढ़ने से पूर्वी तथा दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश प्रभावित हो सकती है।
5. खराब मौसम में लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
तेज बारिश और हवा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने पर खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले सड़क की स्थिति जांचें और मौसम विभाग या स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

