अक्टूबर में SIP शुरू करने से पहले सावधान! ये 5 गलतियां बिगाड़ सकती हैं आपका निवेश प्लान

Arvind Kumar
अक्टूबर में SIP शुरू करने से पहले सावधान! ये 5 गलतियां बिगाड़ सकती हैं आपका निवेश प्लान
अक्टूबर में SIP शुरू करने से पहले सावधान! ये 5 गलतियां बिगाड़ सकती हैं आपका निवेश प्लान

अक्टूबर में SIP शुरू करने से पहले इन 5 गलतियों से बचें, वरना बिगड़ सकता है आपका निवेश प्लान

अक्टूबर में त्योहारों के साथ कई लोग अपनी आर्थिक योजनाओं को भी नए सिरे से शुरू करते हैं। ऐसे में SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू करना एक विकल्प हो सकता है। लेकिन केवल हर महीने पैसा निवेश करना पर्याप्त नहीं है। सही फंड, सही अवधि और जोखिम को समझना भी जरूरी है। कुछ सामान्य गलतियां लंबे समय में आपके वित्तीय लक्ष्य को प्रभावित कर सकती हैं।

बाजार गिरने पर SIP बंद करने की गलती

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का सामान्य हिस्सा है। बाजार में गिरावट देखकर SIP रोक देना नए निवेशकों की आम गलती हो सकती है। SIP में नियमित निवेश का एक उद्देश्य बाजार की अलग-अलग परिस्थितियों में यूनिट खरीदना होता है। गिरावट के दौरान समान रकम से अपेक्षाकृत अधिक यूनिट मिल सकती हैं।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर परिस्थिति में SIP जारी रखना ही सही होगा। निवेशक को अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए।

केवल पुराने रिटर्न के आधार पर फंड चुनना

किसी म्यूचुअल फंड ने पिछले एक-दो साल में अच्छा प्रदर्शन किया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि भविष्य में भी वही रिटर्न मिलेगा। फंड चुनते समय केवल रिटर्न देखने के बजाय उसकी निवेश रणनीति, जोखिम, पोर्टफोलियो, फंड मैनेजर और लंबे समय के प्रदर्शन जैसे पहलुओं को समझना जरूरी है।

ज्यादा फंड मतलब ज्यादा डायवर्सिफिकेशन नहीं

कई निवेशक जोखिम कम करने के लिए बहुत सारे फंड्स में SIP शुरू कर देते हैं। लेकिन 8-10 फंड रखने से जरूरी नहीं कि पोर्टफोलियो बेहतर डायवर्सिफाइड हो जाए। अलग-अलग फंड्स के पोर्टफोलियो में समान कंपनियां होने पर ओवरलैप बढ़ सकता है। इसलिए फंड की संख्या बढ़ाने के बजाय उद्देश्यपूर्ण तरीके से पोर्टफोलियो तैयार करना महत्वपूर्ण है।

इमरजेंसी फंड के बिना इक्विटी SIP

निवेश शुरू करने से पहले अपनी आकस्मिक जरूरतों के लिए अलग रकम रखना जरूरी है। अचानक मेडिकल खर्च, नौकरी से जुड़ी परेशानी या पारिवारिक जरूरत आने पर यदि पूरी बचत इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगी हो, तो निवेश समय से पहले निकालना पड़ सकता है।

आम तौर पर कई वित्तीय योजनाकार 3 से 6 महीने के आवश्यक खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखने की सलाह देते हैं। इसे सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध विकल्प में रखना उपयोगी हो सकता है।

छोटे लक्ष्य के लिए इक्विटी SIP चुनना

निवेश की अवधि फंड चुनने में अहम भूमिका निभाती है। यदि किसी लक्ष्य के लिए सिर्फ 1 से 3 साल का समय है, तो इक्विटी बाजार की अस्थिरता जोखिम बढ़ा सकती है। उदाहरण के लिए कार खरीदने या निकट भविष्य की यात्रा के लिए जमा की गई रकम बाजार गिरने के समय कम हो सकती है।

वहीं, लंबे समय के लक्ष्यों के लिए इक्विटी आधारित निवेश पर विचार किया जा सकता है, लेकिन इसमें भी बाजार जोखिम बना रहता है।

SIP शुरू करने से पहले क्या देखें?

गलती

संभावित समस्या

क्या समझें

बाजार गिरने पर SIP रोकना

निवेश अनुशासन प्रभावित

लक्ष्य और अवधि देखें

सिर्फ पुराने रिटर्न देखना

भविष्य का प्रदर्शन अनिश्चित

जोखिम और रणनीति भी देखें

बहुत सारे फंड लेना

पोर्टफोलियो ओवरलैप

जरूरत के अनुसार फंड चुनें

इमरजेंसी फंड न रखना

जरूरत पर निवेश तोड़ना पड़ सकता है

अलग आपातकालीन बचत रखें

छोटे लक्ष्य में इक्विटी लेना

बाजार गिरने का जोखिम

लक्ष्य की अवधि के अनुसार विकल्प चुनें

निष्कर्ष

SIP निवेश को सरल और अनुशासित बनाने का तरीका हो सकता है, लेकिन इसमें सफलता केवल मासिक निवेश शुरू करने से तय नहीं होती। निवेशक को अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता, समय अवधि और नकदी जरूरतों को समझकर निर्णय लेना चाहिए। अक्टूबर में SIP शुरू करने से पहले इन पांच गलतियों को समझना आपके निवेश फैसले को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से समझें तथा आवश्यकता होने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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