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LPG Gas Cylinder New Rules: 1 अक्टूबर से बदल गया सिलेंडर डिलीवरी का तरीका, e-KYC और OTP के बिना बढ़ सकती है परेशानी
अक्टूबर की शुरुआत LPG गैस उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है। अब सिर्फ सिलेंडर बुक करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि e-KYC और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी जरूरी हो सकता है। नए नियमों का सीधा असर सब्सिडी और सिलेंडर की डिलीवरी पर पड़ सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को समय रहते अपनी जानकारी जांच लेनी चाहिए।
1 अक्टूबर से LPG Gas Cylinder पर नए नियम
LPG गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों को अधिक सख्त करने की तैयारी की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने 30 सितंबर तक अपना e-KYC पूरा नहीं किया है, उन्हें सब्सिडी वाली गैस का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे उपभोक्ताओं को सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदना पड़ सकता है।
इस बदलाव का उद्देश्य LPG कनेक्शन से जुड़ी ग्राहक जानकारी को अपडेट रखना और वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करना बताया गया है।
बिना OTP नहीं होगी LPG Cylinder Delivery
नए नियमों में सबसे अहम बदलाव LPG Cylinder Delivery को लेकर है। अब सिलेंडर की डिलीवरी के समय OTP यानी DAC Code की जरूरत होगी। गैस सिलेंडर बुक करने के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा।
डिलीवरी के समय उपभोक्ता को यह OTP गैस वेंडर के साथ साझा करना होगा। OTP का सत्यापन होने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी की जाएगी। इसका मतलब है कि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर LPG कनेक्शन के लिए पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा।
मोबाइल नंबर बंद है तो क्या करें?
अगर LPG कनेक्शन में दर्ज मोबाइल नंबर बंद है या उस पर SMS प्राप्त नहीं हो सकता, तो उपभोक्ता को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि डिलीवरी से संबंधित OTP रजिस्टर्ड नंबर पर भेजा जाएगा, इसलिए नंबर एक्टिव होना जरूरी है।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ता अपना मोबाइल नंबर दोबारा एक्टिव करा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर गैस एजेंसी में जाकर नया मोबाइल नंबर अपडेट कराया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार e-KYC प्रक्रिया के माध्यम से भी मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी अपडेट करने का विकल्प मिल सकता है।
LPG उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बातें
नियमों में सख्ती क्यों की जा रही है?
LPG व्यवस्था में इन बदलावों का प्रमुख उद्देश्य उपभोक्ताओं की पहचान को अधिक व्यवस्थित करना, फर्जी कनेक्शन की पहचान में मदद करना और सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना है। OTP आधारित सत्यापन से यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती है कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक पहुंचे और डिलीवरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड अधिक स्पष्ट रहे।
इसलिए LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC की स्थिति, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और डिलीवरी के समय मिलने वाले OTP की जानकारी को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है।

