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| 28 September Weather Alert |
Weather Alert 28 September: मॉनसून की विदाई के बीच कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, आंधी-बिजली और भूस्खलन का खतरा
मॉनसून की वापसी शुरू हो गई है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी है। 28 सितंबर को उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में जानिए दिल्ली-NCR समेत अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल और IMD का अलर्ट।
28 सितंबर को क्यों बदला मौसम का मिजाज?
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस समय वापसी के चरण में है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को मॉनसून की वापसी वाली ट्रफ लाइन गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, दीसा और नलिया होते हुए अरब सागर तक पहुंच गई थी।
वहीं, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा की ओर बढ़ने के बाद कमजोर पड़ सकता है। इसके बावजूद इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
इसके अलावा दक्षिणी तटीय म्यांमार के पास भी एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ने की संभावना है। आगे यह उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आसपास के बांग्लादेश तट की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा 28 सितंबर का मौसम?
दिल्ली-NCR में 28 सितंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
29 सितंबर को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है और दोपहर के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
उत्तर प्रदेश में बारिश से मिलेगी कुछ राहत
उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद अब बारिश की तीव्रता कम होने के संकेत मिल रहे हैं। 28 सितंबर को राज्य में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में मौजूद मौसम प्रणाली के प्रभाव से कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बेहद भारी बारिश दर्ज की गई थी। कुछ स्थानों पर 30 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ।
28 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है, लेकिन इसकी तीव्रता पिछले दिनों की तुलना में कम रह सकती है।
बिहार में 1 अक्टूबर तक बारिश और आंधी का असर
बिहार में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हालांकि, फिलहाल राज्य में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।
27 सितंबर को बिहार के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई थी। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने के बावजूद धीरे-धीरे इसकी तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ी मौसम संबंधी चिंता
उत्तराखंड में 28 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग के कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला और सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश होने पर भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है। 27 सितंबर को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई थी।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में 28 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28 से 30 सितंबर तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है।
कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ के भी कुछ क्षेत्रों में बारिश तथा आंधी-गरज का असर देखने को मिल सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश
पूर्वोत्तर भारत में 28 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में बारिश हो सकती है, जबकि असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
असम और मेघालय में 28 से 30 सितंबर के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक इसी तरह की मौसम गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश के साथ तेज हवाएं
पश्चिम भारत के गुजरात, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में भी 28 सितंबर को बारिश का अनुमान है।
मध्य महाराष्ट्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि हवा के झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मराठवाड़ा में भी तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का अनुमान
दक्षिण भारत में भी 28 सितंबर को मौसम सक्रिय रह सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम, रायलसीमा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की संभावना है।
केरल और माहे में 30 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है, जबकि 1 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 29 सितंबर से अधिक क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है।
29 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान केरल और माहे में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मछुआरों के लिए समुद्री इलाकों में चेतावनी
मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया तट से सटे क्षेत्रों और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 29 सितंबर तक समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है।
वहीं, बंगाल की खाड़ी में उत्तर अंडमान सागर, म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों के आसपास भी समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका है। ऐसे में मछुआरों को प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में जाने से पहले IMD की ताजा मौसम चेतावनी और स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर देखनी चाहिए।
28 सितंबर का मौसम
निष्कर्ष
मॉनसून की वापसी के बावजूद 28 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। उत्तर भारत में बारिश की तीव्रता कम होने के संकेत हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का जोखिम बना हुआ है। पूर्वोत्तर, मध्य भारत, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD के ताजा अपडेट पर नजर रखनी

