इमरजेंसी गर्भ निरोधक गोलियों का गलत प्रयोग है खतरनाक


इमरजेंसी गर्भ निरोधक गोलियों का गलत प्रयोग है खतरनाक
इमरजेंसी गर्भ निरोधक गोलियों का गलत प्रयोग है खतरनाक

ई. सी. पी. यानि इमरजेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स मार्किट में आये अभी दो तीन साल ही हुए होंगे लेकिन असुरक्षित सेक्स से बचाव के लिये मानों युवतियों के लिये ये वरदान साबित हो रही हैं. बड़े शहरों, महानगरों में जहाँ युवा पीढ़ी अत्याधुनिकता के चलते फ्री सेक्स में लिप्त रहने लगे हैं, महिलाएँ मीडिया द्वारा प्रचारित इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन करने लगी हैं.
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यह उनकी सेहत के लिए कितनी खतरनाक हैं, इसका उन्हें जरा भी अंदाज़ नहीं है. गयनेकोलॉजिस्ट के अनुसार इनके नियमित सेवन से स्थिति यहाँ तक आ जाती है की गर्भाशय निकालना पड़ सकता है. ऐसे में फिर वो युवती कभी माँ नहीं बन सकती. ऐसी स्थिति अत्यधिक रक्तस्राव के कारण आती है.

सेक्स का मामला क्यूंकि सीक्रेट होता है और बदनामी का बायस बन सकता है, युवतियाँ अपनी परेशानी के लिए डॉक्टरी सलाह लेते झिझकती हैं. ई. सी. पी. का उपयोग तभी किया जाना चाहिए जब और गर्भनिरोधक उपाय फ़ैल हों लेकिन इसकी आदत हर्गिज नहीं डालनी चाहिए.

इन गोलियों को बनाने वाली फार्मा कम्पनियाँ साफ तौर पर इस बात का जिक्र करती हैं कि इन गोलियों को माह में एक दो बार से ज़्यादा नहीं लेना चाहिए या फिर इमरजेंसी में ली जा सकती हैं लेकिन इससे ज्यादा बिलकुल नहीं. इस चेतावनी पर कोई युवतियाँ ध्यान न देकर हर दूसरे तीसरे दिन इन्हें ले लेती हैं. इन गोलियों का हार्मोनल कम्पोजीशन उनकी सेहत पर कैसा कहर ढाता है, पहले बताया जा चूका है. इतना ही नहीं, एस. टी. डी. रोग जैसे एड्स आदि का खतरा भी वे मोल ले लेती हैं, यहाँ तक की उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है. 

क्या हैं इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियाँ?

इन गोलियों की विशेषता यह है की सेक्स के बाद 72 घण्टों के भीतर अगर ये ले ली जाएँ तो प्रेगनेंसी की संभावना मिट जाती है. इन गोलियों में लेवोनोर्जेस्ट्रल नामक प्रोजेस्टोजेन होता है जो एग को यूटरस में इम्प्लांट नहीं होने देता. इन गोलियों से शरीर में कोई सिंथेटिक हार्मोन्स भर जाते हैं जो गर्भ के लिए जरूरी हार्मोन्स को बाधित करते हैं. इसके अलावा ये गोलियाँ ओवरीज तथा यूटेरिने लाइनिंग को इस तरह प्रभावित करती हैं की गर्भ ठहरने की सम्भावना नहीं के बराबर हो जाती हैं या कम हो जाती है. इन गोलियों का एक असर ये होता है की ये स्पर्म को डाइवर्ट कर देती हैं जिससे वो एग से निकलकर उसे फर्टाइल नहीं कर पाता.

इमरजेंसी गर्भ निरोधक गोलियाँ हमारे यहाँ विभिन्न, नामों से उपलब्ध है. ई. सी. पी. केवल उनके लिए बेहतर ऑप्शन है जिन्होनें लापरवाही में असुरक्षित सेक्स किया हो और जो प्रेगनेंसी नहीं चाहती या फिर जो बलात्कार की शिकार हों.

उन महिलाओं को जो प्रेगनेंट हो, हाई ब्लड प्रेशर प्रोब्लेम्स से पीड़ित हो, जिन्हें कैंसर हो या जिन्हें ब्लड क्लॉटिंग की बीमारी हो, ये गोलियाँ नहीं लेनी चाहिए.

इसके अलावा जो बच्चे को अपना दूध पीला रही हो या जिनका बच्चा अभी छह महीने का नहीं हुआ हो या चार पाँच दिनों में जिन्हें शारीरिक सम्बन्ध बनाना हो, जिन्हें किडनी प्रॉब्लम, डायबिटीज, हाई बीपी जैसी समस्याएँ हो, उन्हें बगैर डॉक्टरी सलाह के ये गोलियॉं बिलकुल नहीं लेनी चाहिए.

इस नाजुक मसले पर प्रशासन को गौर करके कुछ कड़े नियम निर्धारित कर देने चाहिए. फार्मा कम्पनियों को भी लालच छोड़कर कड़ी चेतावनियों के साथ ये गोलियाँ बेचनी चाहिए.

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