फ्लू के मौसम के लिए अपने बच्चों को तैयार करने के 5 तरीके

फ्लू के मौसम के लिए अपने बच्चों को तैयार करने के 5 तरीके
फ्लू के मौसम के लिए अपने बच्चों को तैयार करने के 5 तरीके 
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फ्लू की बीमारी एक ऐसी गंभीर समस्या है, जो वयस्कों की तुलना में छोटे बच्चो में अधिकतर पाई जाती है। इसे इन्फ्लुएंजा या फ्लू के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रकार का वायरस होता है जो मौसम में बदलाव के कारण फ्लू का रूप धारण कर लेता है जिससे बच्चो में साँस लेने परेशानी, सर्दी, खाँसी,हाथ पेरो में दर्द, चेहरे और होठो में दर्द, माँसपेशिओ में खिचाव, बुखार आदि समस्याए होती है। यह बीमारी ज्यादा गंभीर नहीं होती है, परन्तु यदि आप इसका सही समय पर इलाज नहीं करवाते है तो यह गंभीर रूप भी ले सकती है। आज हम आप को इस पोस्ट के माध्यम बताएंगे की फ्लू क्या होता है,तथा इसके लक्षण, कारण और इसका उपचार कैसे किया जाता है।

फ्लू होने के लक्षण 

यह एक प्रकार से श्वसन तंत्र की बीमारी होती है। जिससे हमें साँस में कठिनाई तथा साँस लेते समय माँसपेशियों में दर्द, सर्दी,जुखाम आदि समस्याए होती निम्नलिखित कुछ फ्लू के लक्षण है।

  • साँस लेने में दिक्क्त 
  • सिर दर्द 
  • खांसी
  • नाक बहना 
  • जुखाम 
  • उल्टी
  • दस्त 
  • तेज बुखार 
  • चेहरे में सूजन 
  • चक्कर आना 
  • त्वचा में जलन 
  • थकान लगना
  • कफ 
  • ठंड लगना
  • हाथ पैर में दर्द 

यदि आप को उपरोक्त दिए हुए लक्षणों में सी किसी का भी आभास हो तो आप को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनसे सलाह लेना चाहिए।

फ्लू के इलाज -


  • यदि आप फ्लू की बीमारी से परेशान है, तो आप पौष्टिक खाना ही खाये और गुनगुना पानी ही पिए या गर्म दूध में  हल्दी डालकर पीने से भी खांसी ,जुखाम जैसी परेशानियों से आराम मिलता है। 
  • हमें ऐसे फल सब्जी का सेवन करना चाहिए जिसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा हो|
  • पौष्टिक खाना खाने से हमारे शरीर में भरपूर मात्रा में ऊर्जा मिलती है, जो हमारे शरीर में होने वाले वायरस  को रोकता है तथा बीमारियों से लड़ने की तकात देता है|
  • यदि आपको फ्लू की बीमारी से बचना है, तो साफ -सफाई का ध्यान रखना बहुत जरुरी है साफ पानी से ही आँख,नाक और मुँह धोये |
  • खांसते और छींकते समय हमेशा मुँह पर हाथ या फिर साफ रुमाल रख ले।
  • मौसम में बदलाव आने से पहले ही टीका लगाव ले।

फ्लू की बीमारी होने पर किन -किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है|


  • दिल के मरीज को
  • ब्लड प्रेशर के मरीज को
  • गर्भवती  महिला को 
  • किडनी या लिवर के मरीज को
  • छोटू बच्चों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है 
  • डायबिटीज  वाले मरीजों को

 फ्लू से बचने के उपाय  


इस रोग से बचने के लियें आपको निम्नलिखित सावधानियाँ रखना जरुरी है, जिसे इसे फैलने से रोका जा सकें।

  • सर्दी,खांसी और जुखाम वाले व्यक्ति से दूरी बनाये रखें। 
  • यदि आपको लगता है, की मेरी तबियत ख़राब है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये।
  • ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी पियें| 
  • ठंड पानी नहीं पियें| 
  • सर्दी ,खांसी,जुखाम वाले व्यक्ति को चावल ,दही का सेवन नही करना चाहिए। 

फ्लू के मौसम के लिए अपने बच्चों को तैयार करने के तरीके|

बच्चों के आस - पास हमेशा साफ- सफाई रखें-

बरसात के समय छोटे बच्चों के आस पास साफ- सफाई रखना बहुत जरुरी है नहीं तो बच्चें की नाजुक त्वचा पर इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है| जिससे उसकी तबियत ख़राब हो सकती है बच्चें को दिन में एक बार गर्म पानी में नहलाकर साफ तौलिये से अच्छी तरह सूखा दे बारिश के मौसम में आपने बच्चे को फुल और थोड़ ढीले कपडे पहनाये जिसे उसे मच्छर ना खाये और बच्चों को हमेशा काँटना के ही कपड़े पहनाये|

बच्चों को बारिश के पानी में न खेलने दे|


पहली बारिश में अम्लीयता बहुत ही अधिक पाई जाती है जिससे शरीर में फोडिया निकलने लगती है जिससे हमारी    त्वचा पर हानिकारक प्रभाव बढ़ जाते है|

छोटे बच्चों को हमेशा बीमार व्यक्ति से दूर रखें-


यदि आपके घर में किसी भी व्यक्ति फ्लू है तो छोटे बच्चों को वह ना जाने दे क्योकि यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है यह एक प्रकार से ऐसी बीमारी जो बारिश के मौसम में आमतौर पर होती है और इसे वायरल बुखार भी कहा सकते है ।

छोटे बच्चों को हमेशा गर्म पानी ही पिलायें-


बच्चों को हमेशा गर्म पानी ही पिलायें क्योकि पानी में बहुत प्रकार के कीटाणु पाये जाते है और पानी को उबालने के    बाद इसमें मौजूद कीटाणु नष्ट हो जाते है।

बच्चों के लियें नीद बहुत जरुरी है-


बच्चें की अच्छी सेहत के लियें उसे भरपूर नींद लेना जरुरी है, नहीं तो बच्चें का दिमागी सतुंलन बिगड़ सकता है।
बदलते बारिश के मौसम में हमें निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिए|

सूप या ग्रीन टी –


बारिश के मौसम में हमें सूप या ग्रीन टी पीने से बहुत आराम मिलता है ग्रीन टी बनाते समय हमें उसमे दो से तीन तुलसी के पत्ते या इलायची, लौंग पानी में उबालकर बनाते है, ग्रीन टी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।

मुलैठी –


एक ग्लास पानी में 2-3 मुलैठी डालकर पानी में उबाल ले और फिर उसे छानकर पिले जिससे आपको सर्दी,खांसी , जुखाम में आराम मिलेगा|

फ्लू के लक्षण में उपचार की जाने वाली दवाईयां|


  • जब माँसपेशियों में किसी भी प्रकार की ऐठन या दर्द हो तो आप, आइबूप्रोफेन (ibuprofen या एस्पिरिन (aspirin ) टैबलेट का इस्तेमाल कर सकते  है| 
  • यदि आपको कफ बनता हो तो आप एंटी-हिस्टामिन (antihistamines) टैबलेट का सेवन कर सकते है और अधिक जानकारी के लियें आपने डॉक्टर से सलाह ले।

सलाह 


  • यदि आपको सर्दी,खांसी ,जुखाम है तो छींकते समय नाक और मुँह को रुमाल रखा ले जिससे ये बीमारी दूसरे को ना फैले।
  • यदि आपको 100 डिग्री से ज्यादा बुखार ,साँस लेने में कठिनाई ,बार-बार चक्कर आना ,उल्टी जैसे लक्षण  दिखे तो तुरंत आप नजदीकी डॉक्टर से सपर्क करें।


Author Bio:- मेरा नाम विशाल है, में khabarinhindi.com पर कई दिनों से blogging कर रहा हूँ। जो एक बहुत ही प्रसिद्ध हिंदी ब्लॉग है। जिसमे स्वास्थ और फिटनेस से संबधित जानकारी बहुत ही आसान तरीके से समझाई गई है। यह जानकारी आप के अच्छे स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभकारी हो सकती है।


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