[Health Tips] स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है , और इसके बचाव के उपाय और इलाज H1N1 Flu Virus (Swine Flu)

[Health Tips] स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है , और इसके बचाव के उपाय और इलाज H1N1 Flu Virus (Swine Flu)
[Health Tips] स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है , और इसके बचाव के उपाय और इलाज H1N1 Flu Virus (Swine Flu)

स्वाइन फ़्लू बहुत ही घातक और जानलेवा वायरस है अगर किसी को स्वाइन फ्लू है तो उसके संपर्क में याने वाला ब्यक्ति भी इस वायरस का सीकर हो जाता है सीधे कहे तो यह छूने से साथ खाने साथ रहने से फैलता है सबसे ज्यादा यह वायरस ठंढ के मौसम में फैलता है। आइये जानते है की इससे कैसे बचा जा सकता है और क्या क्या उपाय कर सकते है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है , और इसके बचाव के उपाय और इलाज


शुरुआती स्वाइन फ्लू के लक्षण

- नाक का लगातार पानी बहना, छींक बार बार आना, नाक का जाम होना।

- मांसपेशियां में बहुत दर्द या अकड़न होता है।

- सिर में बहुत जोरो से दर्द।

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- कफ होना और कोल्ड होना , लगातार खांसी यते रहना।

- उनींदे रहना, शरीर में  बहुत ज्यादा थकान महसूस होता है।

- तेजी से बुखार होना, दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार तेजी से बढ़ना।

- गले में खराश होता है और इसका लगातार बढ़ते रहना।

कुछ उपाय से करें बचाव

इन सारे में से एक समय में एक ही टिप्स आजमाएं।

- 4-5 तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, चुटकी भर काली मिर्च का पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में लगभग दो-तीन बार पिएं।

- गिलोय (अमृता) बेल की तना को पानी में अच्छी तरह उबाल या छान कर उसे पिएं।

- गिलोय सत्व चौथाई ग्राम भर पौना गिलास पानी के साथ इसका सेवन करे।

- 5 से 6 तुलसी के पत्ते और काली मिर्च के 2 से 3 दाने पीसकर चाय में डालकर बनाये लगभग दिन में दो-तीन बार पिएं।

- आधा चम्मच हल्दी आधे से ज्यादा गिलास दूध में अच्छी तरह उबालकर पिएं। आधा चम्मच हल्दी गरम पानी में या शहद में मिलाकर भी पिया जा सकता है।

- आधा चम्मच आंवला का पाउडर को आधा गिलास पानी में मिलाकर दिन में लगभग दो बार पिएं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता शरीर में बढ़ती है।

स्वाइन फ्लू होने पर क्या किया जा सकता है

नोट - यदि स्वाइन फ्लू हो ही जाए तो डॉक्टर की राय से इनमें से कोई एक उपाय करें:

- त्रिभुवन कीर्ति रस या गोदंती रस या संजीवनी वटी या भूमि आंवला लें। यह सभी एंटी-वायरल होता हैं।

- काम बुखार होने पर अग्निकुमार रस की दो गोली दिन में लगभग तीन बार खाने के बाद लें।

- बिल्वादि टैब्लेट को दो गोली दिन में तीन बार खाने के बाद लिया जा सकता है ।
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