Akbar Birbal की जबरदस्त नोकझोक वाली स्टोरी एंड चुटकुले

Akbar Birbal की जबरदस्त नोकझोक वाली स्टोरी एंड चुटकुले
Akbar Birbal की जबरदस्त नोकझोक वाली स्टोरी एंड चुटकुले 
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Akbar Birbal की जबरदस्त नोकझोक वाली स्टोरी एंड चुटकुले 

सार्वजनिक टॉयलेट में बैठे अकबर को बगल वाले टॉयलेट से आवाज आयी - क्या हाल हैं अकबर ?
अकबर थोड़ा घबराया ..पर फिर बोला - ठीक हूं।
फिर उधर से आवाज आयी - क्या कर रहे हो ?
अकबर बोला - तुम्हारी तरह बैठा हुआ हूं।
फिर उधर से आवाज आयी - मैं आ जाऊं अभी तुम्हारे पास?
अकबर बहुत घबराया सा बोला - नहीं नहीं ।
आवाज आयी - यार मैं तुमको बाद में कॉल करता हूं... पता नहीं कौन बदतमीज दूसरे टॉयलेट से मेरी हर बात का जवाब दे रहा है।
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एक बार बादशाह अकबर अपने दो बेटों के साथ नदी के किनारे गए। साथ में उनका मंत्री बीरबल भी थे। दोनों बेटों ने अपने अपने कपडे़ उतारे और  नहाने नदी में उतर गए। बीरबल को उन्होंने अपने कपड़ों की देखभाल करने के लिए कहा।

बीरबल नदी किनारे बैठ कर उन दोनों के आने का इंतजार करने लगे। कपडे़ उन्होंने अपने कंधों पर रखे हुए थे। बीरबल को इस अवस्था में खडे़ देख बादशाह अकबर के मन में शरारत सूझी।

अकबर ने बीरबल को कहा, "बीरबल तुम्हें देख कर ऐसा लग रह है जैसे धोबी का गधा कपडे़ कंधे में लाद कर खडा़ हो।"

बीरबल ने झट से जवाब दिया, "महाराज धोबी के गधे के पास केवल एक गधे का ही बोझ होता है, किंतु मेरे पास तो तीन-तीन गधों का बोझ है।"

बीरबल के मुंह से जवाब सुनकर बादशाह अकबर निरूत्तर हो गए।

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एक बार बादशाह अकबर ने कागज पर पैन्सिल से एक लंबी लकीर खींची और मंत्री बीरबल को बुला कर कहा: बीरबल कुछ ऐसा करो कि न तो यह लकीर घटाई जाए और न ही इसे मिटाई जाए लेकिन यह लकीर छोटी हो जाए?


बीरबल ने तुरंत उस लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पहली लकीर से बड़ी खींच दी.

बीरबल बोले:  अब आप की लकीर इससे छोटी हो गई.
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एक शाम को मंत्री बीरबल और बादशाह अकबर घूमने के लिए कहि निकले. चलते-चलते रास्ते में एक बहुत बड़ा बरगद का वृक्ष उन्हें  दीखाई दिया . उसे देख कर मंत्री बीरबल ने कहा - देखिये जहाँपनाह ! कितना अच्छा वर है ! बादशाह को थोड़ी शरारत सूझी , उन्होंने तुरंत कहा , तो ठीक है अपनी बेटी दे दो . फिर बीरबल यह सुनते ही मारे लज्जा के जमीन में गड़ गए .थोड़ी आगे चलकर एक बड़ा बहुत सुन्दर मकबरा दिखाई दिया , उसे देखते ही तुरंत  बादशाह अकबर के मुँह से निकला - देखो बीरबल ! यह मकबरा कितना सुन्दर है .

फटाक से  बीरबल ने जबाब दिया , यदि सुन्दर है तो अपनी पोती दिला दीजिये .
बेचारे बादशाह अकबर पूरी जबाब न पाकर कुछ भी न कह सके .
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एक बार संता को बादशाह अकबर के सैनिकों ने पकड़ लिया और दरबार में लेकर गये..

अकबर ने पूछा - कौन हो तुम??

संता - महाराज मैं संता हूँ..

अकबर ने - फिर इतनी रात गए को हमारे महल में क्या कर रहे थे??

संता- कुछ..कुछ नहीं महाराज (घबराते हुए संता ने बोला)

अकबर - सैनिकों, इसे ले जाओ और बंदी बना दो कारगर में ..

संता- महाराज रहम करो, मुझे बंदी मत बनाओ मुझे बंदा ही रहने दो..
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अकबर बादशाह और बीरबल मे अकसर मज़ाक होता रहता था । उस दिन वे दोनो एक दुसरे से छेड-छाड कर रहे थे ।

बाद्शाह ने कहा- बीरबल तुम्हारी स्त्री अत्यन्त सुन्दर है । बीरबल ने कहा - हां सरकार! पहले मै भी ऐसा ही समझता था। पर जब से बेगम साहिबा को देखा है, मै अपनी स्त्री को ही भूल बैठा हूँ ।

बाद्शाह अकबर एकाएक झेंप  से गए और उस दिन के बाद से फिर उन्होने ऐसा मज़ाक कभी नही किया ।
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बादशाह अकबर और बीरबल बातें कर रहे थे। बात मियां-बीवी के रिश्ते पर चल निकली तो बीरबल ने कहा—‘‘अधिकतर मर्द जोरू के गुलाम होते हैं और अपनी बीवी से डरते हैं।’’

‘‘मैं नहीं मानता।’’ बादशाह ने कहा।

‘‘हुजूर, मैं सिद्ध कर सकता हूं।’’ बीरबल ने कहा।

‘‘सिद्ध करो ?’’

‘‘ठीक है, आप आज ही से आदेश जारी करें कि किसी के भी अपने बीवी से डरने की बात साबित हो जाती है तो उसे एक मुर्गा दरबार में बीरबल के पास में जमा करना होगा।’’


बादशाह ने आदेश जारी कर दिया।

कुछ ही दिनों में बीरबल के पास बहुत सरे मुर्गे जमा हो गए, तब उसने बादशाह अकबर  से कहा—‘‘महाराज , अब तो इतने सरे मुर्गे जमा हो गए हैं कि आप मुर्गीखाना खोल सकते हैं। अतः अपना आदेश वापस ले लें।’’
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एक रात सोते समय बादशाह अकबर ने यह बहुत अजीब सा सपना देखा कि केवल एक को छोड़कर उनके बाकी सारे सभी दांत गिर गए हैं।

फिर अगले ही दिन उन्होंने देश भर के विख्यात ज्योतिषियों व नुजूमियों को बुलावा भेजा और उन्हें अपने सपने के बारे में बताया फिर अकबर उसका मतलब जानना चाहा।

सभी ने आपस में ही विचार-विमर्श किया और फिर एक मत होकर बादशाह से कहा, ‘‘जहांपनाह, इसका अर्थ यह हुआ कि आपके सारे नाते-रिश्तेदार आपके मरने से पहले ही मर जाएंगे।’’

यह सुनकर बादशाह अकबर को बहुत  गुस्सा हो आया और फिर उन्होंने सभी ज्योतिषियों को दरबार से चले जाने का आदेश दिया। उनके जाने के बाद बादशाह अकबर ने मंत्री बीरबल से अपने सपने का मतलब बताने को कहा।

कुछ देर तक तो बीरबल सोच में ही डूबा रहा, फिर बोला, ‘‘महाराज, आपके सपने का मतलब तो बहुत ही शुभ है। इसका अर्थ है कि आपके नाते-रिश्तेदारों के बीच आप ही सबसे ज्यादा समय तक जीवित रहेंगे।’’

बीरबल की यह बात सुनकर बादशाह बहुत प्रसन्न हुए। लेकिन बीरबल ने भी वही कहा था जो ज्योतिषियों ने, लेकिन कहने में थोड़ा अंतर था। बादशाह अकबर ने बीरबल को ईनाम देकर वह से विदा किया।
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एक दिन बीरबल बाग में टहलते हुए सुबह की ताजा हवा का आनंद ले रहा था कि अचानक एक आदमी उसके पास आकर बोला, ‘‘क्या तुम मुझे बता सकते हो कि बीरबल कहां मिलेगा ?’’

‘‘बाग में।’’ बीरबल बोला।

वह आदमी थोड़ा सकपकाया लेकिन फिर संभलकर बोला, ‘‘वह कहां रहता है ?’’

‘‘अपने घर में।’’ बीरबल ने उत्तर दिया।

हैरान-परेशान आदमी ने फिर पूछा, ‘‘तुम मुझे उसका पूरा पता ठिकाना क्यों नहीं बता देते ?’’

‘‘क्योंकि तुमने पूछा ही नहीं।’’ बीरबल ने ऊंचे स्वर में कहा।

‘‘क्या तुम नहीं जानते कि मैं क्या पूछना चाहता हूं ?’’ उस आदमी ने फिर सवाल किया।

‘‘नहीं।’ बीरबल का जवाब था।

वह आदमी कुछ देर के लिए चुप हो गया, बीरबल का टहलना जारी था। उस आदमी ने सोचा कि मुझे इससे यह पूछना चाहिए कि क्या तुम बीरबल को जानते हो ? वह फिर बीरबल के पास जा पहुंचा, बोला, ‘‘बस, मुझे केवल इतना बता दो कि क्या तुम बीरबल को जानते हो ?’’
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एक दिन बादशाह अकबर अपने मत्रीं बीरबल के साथ अपने महल के बाग में घूम रहे थे | अकबर बागों में उडते कौओं को देखकर कुछ सोचने लगे और फिर बीरबल से पूछा, “क्यों बीरबल, हमारे राज्य में कुल कितने कौए होंगे”?

बीरबल ने कुछ देर अंगुलियों पर कुछ हिसाब लगाया और बोले,”महाराज , हमारेराज्य में कुल मिलाकर 95, 463 कौए हैं”| तुम इतना विश्वास से कैसे कह सकते हो बीरबल ? महाराज, “ अगर आपको विश्वास नहीं है तो आप खुद गिन लिजीये, बीरबल बोले”| अकबर को कुछ इसी प्रकार के जवाब का अंदेशा था| उन्होंने ने पूछा,”बीरबल, यदि इससे कम हुए तो”? तो इसका मतलब है कि कुछ कौए अपने रिश्तेदारों से मिलने दूसरे राज्यों में गये हुए हैं| और यदि ज्यादा हुए तो? तो इसका मतलब यह हैं हु़जूर कि कुछ कौए अपनेरिश्तेदारों से मिलने हमारे राज्य में आये हैं बीरबल ने मुस्कुरा कर जवाब दिया|

अकबर एक बार फिर मुस्कुरा कर रह गये|

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