[Ajab Gajab, Facts] About Moon पिछले 41 साल से मून पर कोई आदमी नही गया है.

[Ajab Gajab, Facts] About Moon
[Ajab Gajab, Facts] About Moon 


चंद्रमा गोल नही है बल्कि यह अंडे के आकार का है.

पिछले 41 साल से मून पर कोई आदमी नही गया है.

चन्द्रमा जो पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। चन्द्रमा 4.5 अरब साल पहले पृथ्वी और थीया (मार्स के आकार का तत्व) के बीच हुए भीषण टकराव के बाद बचे हुए अवशेषों के मलबे से बना था.

अगर धरती से चन्द्रमा गायब हो जाए तो पृथ्वी पर दिन महज छह घंटे के लिए ही होगा.

चन्द्रमा  का व्यास धरती के व्यास का सिर्फ चौथा हिस्सा ही है और लगभग 49 चन्द्रमा धरती के अंदर में समा सकते हैं.

सौर मंडल के 63 उपग्रहो है में चन्द्रमा का आकार 5 वे स्थान पर है.

चन्द्रमा का क्षेत्रफल लगभग अफ्रीका के क्षेत्रफल के बराबर है.

नील आर्मस्ट्रांग जब पहली बार चन्द्रमा पर चले थे, तो उनके पास Wright Brothers के पहले हवाई जहाज का एक टुकड़ा था.

चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी से कम है अगर आंकड़ों में बात की जाए तो चांद पर इंसान का वजन 16.5% कम होता है. यही कारण है कि चांद पर अंतरिक्ष यात्री ज्यादा उछलकूद कर सकते हैं और ज्यादा वजन उठा सकते है.

1950 के दशक के दौरान (USA) अमेरिका ने परमाणु बम से चंद्रमा को उड़ाने की योजना बनाई थी.

नील आर्मस्ट्रोग ने चाँद पर जब अपना पहला कदम रखा था तो उससे जो निशान चन्द्रमा की जमीन पर बना वह अब तक है और अगले कुछ लाखों सालो तक ऐसा ही रह जायेगा. क्योंकि चन्द्रमा पर हवा तो है ही नही जो की इसे मिटा दे.

आज तक सिर्फ 12 लोग ही चन्द्रमा पर कदम रख पाए हैं.

जब अंतरिक्ष यात्री एलन सैपर्ड चांद पर थे तब उन्होंने एक golf ball को hit मारा जो तकरीबन 800 मीटर दूर तक गई थी.

अगर आप अपने इंटरनेट की स्पीड से खुश नहीं हैं तो आप चन्द्रमा का रुख कर ले . जी हां, नासा ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए चन्द्रमा  पर वाई-फाई कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई है जिसका 19 MBPS की स्पीड बेहद हैरतअंगेज है.

चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति काफी कम है. किसी भी तरह का वायुमंडल का ना होने का मतलब है कि सौर वायु और उल्कापिंड के आने का खतरा हमेसा बना रहता है.

चन्द्रमा पर पानी है ये भारत की खोज है. भारत से पहले भी कई वैज्ञानिको का मानना था कि चन्द्रमा पर पानी होगा परन्तु किसी ने खोज नहीं की.

अपने बैग और एक अमेरिकन झंडे के अलावा एपोलो 11 के अंतरिक्ष यात्री चन्द्रमा की धरती पर कुछ यादगार निशानी भी छोड़ आये थे।

चंद्रमा पर आंतरिक्ष यात्री द्वारा छोडे गए 96 बैग ऐसे है जिनमें मल,मूत्र और उल्टी है।

चंद्रमा की सतह पर धूल का गुबार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर बहुत मंडराता रहता है। इसका असली कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।

चांद पर करीब 1 लाख 81 हजार 400 किलो का मानव निर्मित मलबा पड़ा हुआ है जिसमें 70 से अधिक अंतरिक्ष यान और दुर्घटनाग्रस्त कृत्रिम उपग्रह भी शमिल हैं।

पृथ्वी पर अगर चंद्र ग्रहण लगा है तो चन्द्रमा पर सूर्य ग्रहण होगा।

चन्द्रमा धरती के आकार का सिर्फ 27 प्रतीशत हिस्सा ही है.

चन्द्रमा  का वजन लगभग 81,00,00,00,000(81 अरब) टन है.

पूरा चन्द्रमा आधे चन्द्रमा  से 9 गुना ज्यादा चमकदार होता है.

अगर आप का वजन धरती पर 60 किलो है तो चन्द्रमा  की low gravity की वजह से चन्द्रमा  पर आपका वजन 10 किलो ही होगा.

चंद्रमा पृथ्वी से हर साल 3.78 सेमी दूर होता जा रहा है और अगले 50 अरब साल तक ऐसा ही होता रहेगा।

जब सारे अपोलो अंतरिक्ष यान चाँद से वापिस आए तब वह कुल मिलाकर 296 चट्टानों के टुकड़े लेकर आए जिनका द्रव्यमान(वजन) 382 किलो था.

चन्द्रमा  धरती के ईर्ध-गिर्द घूमते समय अपना सिर्फ एक हिस्सा ही धरती की तरह रखता है इसलिए चन्द्रमा का दूसरा पासा आज तक धरती से किसी मनुष्य ने नही देखा.

चन्द्रमा  का सिर्फ 59 प्रतिशत हिस्सा ही पृथ्वी  से दिखता है.

चाँद के दिन का तापमान 180 डिगरी सेलसीयस तक पहुँच जाता है जब कि रात का -153 डिगरी सेलसीयस तक निचे चला जाता है।

ये जानकर हैरानी होगी कि आपके मोबाइल फोन में अपोलो 11 यान के चंद्रमा लैंडिग के समय यूज किये गए कंप्यूटर की तुलना में अधिक कंप्यूटिंग शक्ति है। है न

Apollo-11 यान का चंद्रमा लैंडिग के समय बनाया गया Original टेप मिट गया था यह गलती से दोबारा इस्तेमाल कर लिया गया था।

अमेरिकी सरकार ने चन्द्रमा  पर आदमी भेजने और ओसामा बिन लादेन को ढूंढने में लगभग बराबर टाइम और पैसा खर्च किया है  : 10 साल और 100 बिलियन $.

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