[Ajab Gajab, Facts] अपनी हंसी को लेकर जाने कुछ अमेजिंग फैक्ट्स

[Ajab Gajab, Facts] हंसने को लेकर अमेजिंग फैक्ट्स
[Ajab Gajab, Facts] हंसने को लेकर अमेजिंग फैक्ट्स 

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[Ajab Gajab, Facts] हंसने को लेकर अमेजिंग फैक्ट्स 

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जब हम छोटे थे तो पूरा दिन ही हंसी-मजाक में गुजर जाता था…फिर हम बड़े होने लगे…हमे higher studies करनी थी..अच्छी नौकरी पानी थी…life में खुद को सेट करना था… अब हम खुद को seriously लेने लगे और इसी चक्कर में हमने अपने चेहरे की मुस्कान कहीं न कहीं खो दी। और अब तो लोग जितना हँसते हैं उससे कहीं अधिक Whatsapp और Facebook पे smiley बनाते हैं.



गुदगुदी करते समय सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि चूहे भी हँसते है।

ये बात जानकर आपको हैरानी होगी की जब आप पैदा हुए थे, तब आप एक पल के लिए ही सही, लेकिन उस वक़्त आप पृथ्वी के सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे।

हँसने के लिए 17 मांसपेशियों (muscles) लगती है लेकिन गुस्सा करने के लिए 43 मांसपेशियों की जरुरत होती हैं।
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[Ajab Gajab, Facts] Interesting Facts About Whatsapp
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कहीं न कही, आज किसी की life का सबसे अच्छा दिन हैं।

हँसने का वास्तव में कोई meaning नहीं होता।

खुशी के स्तर को मापना मुश्किल हैं।

30% तक कम हो जाता हैं आदमी का हँसना, अकेले रहने पर।

आपका दिमाग नकली हँसी (fake) को पकड़ सकता हैं।

जोक्स और चुटकुले और भी मजेदार हो जाता हैं, जब आप हास्य अभिनेता (उस कमेडियन) को जानते हैं।

मानो या ना मानो, हँसना एक प्रकार का विज्ञान हैं। वास्तव में, हँसी का विज्ञान और इससे हमारे body पर होने वाले प्रभाव को “Gelotology” कहा जाता हैं।

औसतन हर  व्यक्ति दिन में लगभग 13 बार तो  हँसता ही हैं।



मुस्कान (smile) makeup से ज्यादा आकर्षक (attractive) होती हैं।

हँसने के 19 अलग-अलग प्रकार होते हैं।

हँसी आपके खून के बहाव (ब्लडफ्लो) को 22% तक बढ़ा देती है. लेकिन तनाव आपके बलड़फलो को 35% तक कम कर देता हैं।

फीमेल स्प्पीकर  पुरुष दर्शकों (ऑडियंस) से 127 प्रतिशत ज्यादा हंसती हैं।

इंसान 300 फीट दूर से भी मुस्कान पकड़ सकता हैं।

आपका हँसना इस बात पर निर्भर(depend) करता हैं कि आपके आस पास लोग कैसे हैं, ना कि Jokes पर।

जो लोग अपने दुःख को अपनी हंसी के पीछे छुपाते हैं, उनको  “Eccedentesiast” कहते हैं।

एकमात्र इंसान ही है पुरे दुनिया में जो आपको सच्ची खुशी दे सकता हैं वो इंसान आप खुद हैं. इसलिए खुशी के लिए दूसरो पर निर्भर रहना छोड़ दीजिए।

जब आपको किसी से जलते हो या किसी के प्रति  नफ़रत महसूस करें तो इसे तुरंत रोक दीजिए. क्योंकि ऐसा करके आप सिर्फ़ खुद को तकलीफ दे रहे है, अगले आदमी पर इसका कुछ भी फर्क नही पड़ेगा।


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