[Ajab Gajab, Facts] - पृथ्वी की सारी ऑक्सीजन यदि केवल कुछ सेकंड के लिए गायब हो जाए तो क्या होगा

[Ajab Gajab, Facts] - पृथ्वी की सारी ऑक्सीजन यदि केवल कुछ सेकंड के लिए गायब हो जाए तो क्या होगा
[Ajab Gajab, Facts] 

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[Ajab Gajab, Facts] - What will happen if all the Earth's Oxygen Disappears for only a few seconds

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आज हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि पृथ्वी की सारी ऑक्सीजन यदि केवल कुछ सेकंड के लिए गायब हो जाए तो क्या होगाः-
समुद्र तटों पर धूप में सुस्ता रहे सारे लोगों को गहरे सनबर्न हो जाएंगे. ओज़ोन भी आणविक ऑक्सीजन का ही एक रूप है और यह बाह्य वायुमंडल में अलट्रावायलेट किरणों को हम तक पहुंचने से रोकती है. ओजोन न हो तो हम सब टोस्ट बन जाएंगे.
दिन के समय आकाश गहरा दिखाई देगा क्योंकि वायुमंडल में नीले प्रकाश के वित्कीर्णन के लिए कणों की मात्रा घट जाएगी. आकाश नीला कम और काला-सा अधिक दिखेगा.
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हर वह इंजन रुक जाएगा जिसमें आंतरिक दहन होता है. इससे एयरपोर्ट पर खड़ा हर एयरप्लेन खड़ा ही रह जाएगा, रनवे पर टेक ऑफ कर चुका प्लेन वहीं क्रेश हो जाएगा, लेकिन ऊंचाइयों पर उड़ रहे एयरप्लेन कुछ देर तक ग्लाइड करते रहेंगे.
एक दूसरे के संपर्क में रखे शुद्ध धातुओं के टुकड़े अपने आप वेल्ड होकर जुड़ जाएंगे. यह ऑक्सीजन के नहीं होने का सबसे रोचक साइड इफेक्ट होगा. ऑक्सीजन की मौजूदगी में धातुओं के टुकड़े छूने पर वेल्ड नहीं होते क्योंकि वायुमंडल के संपर्क में उनपर ऑक्साइड की पतली पर्त बन जाती है. निर्वात की दशा में धातु के टुकड़े बिना किसी कोल्ड वेल्डिंग प्रक्रिया के अपने आप जुड़ जाते हैं.
हम सबके कान के पर्दे फट जाएंगे क्योंकि 21% ऑक्सीजन के अचानक लुप्त हो जाने से हवा का दबाव घट जाएगा. इस हालत में बहरा होना पक्का है.
कंक्रीट से बनी हर बिल्डिंग धूल का ढेर बन जाएगी. ऑक्सीजन (CO2 में) कंक्रीट की संरचना में महत्वपूर्ण बाइंडर का काम करती है. ऑक्सीजन की गैरमौजूदगी में कंक्रीट के कंपाउंड अपनी कठोरता खो देंगे.
हर जीवित कोशिका हाइड्रोजन के दबाव से फूट जाएगी. पानी में ऑक्सीजन की मात्रा 88.8% है. ऑक्सीजन के नहीं होने पर हाइड्रोजन गैसीय अवस्था में आ जाएगी और इसका वॉल्यूम बढ़ जाएगा. हमारी सांस बाद में रुकेगी, हम फूलकर पहले ही फूट जाएंगे.
हर महासागर भाप बनकर अंतरिक्ष में उड़ जाएगा क्योंकि ऑक्सीजन के नहीं होने पर वहां केवल हाइड्रोजन ही बचेगी और यह मुक्त गैस के रूप में उड़ जाएगी. हाइड्रोजन सबसे हल्की गैस है. ऊपरी ट्रोपोस्फेयर में पहुंचने के बाद यह अंतरिक्ष में धीरे-धीरे फैलती हुए गायब हो जाएगी.
धरती पर जो कुछ जहां भी होगा वह फ्री-फॉल की तरह हवा में गिरने लगेगा. ऑक्सीजन पृथ्वी की पर्पटी और मैंटल में ऑक्साइड के रूप में लगभग 45% है… इतनी ऑक्सीजन के अचानक ही गुम हो जाने पर हमारे पैरों के नीचे की जमीन कई किलोमीटर नीचे चली जाएगी.
कुल मिलाकर, पृथ्वी की सारी ऑक्सीजन को चंद सेकंडों के लिए खो देना ही सब कुछ बर्बाद कर देगा.

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